October 3, 2026

निर्भीक कलम

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रुद्रप्रयाग में गरजा कर्मचारियों का रुद्र आक्रोश, पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर NOPRUF ने निकाली रैली

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“आज नहीं तो कब? अभी नहीं तो फिर कब? — पुरानी पेंशन बहाल करो”

रुद्रप्रयाग, 01 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड (NOPRUF) के आह्वान पर 01 अक्टूबर को रुद्रप्रयाग में रुद्र आक्रोश रैली आयोजित की गई। रैली में विभिन्न विभागों के शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारी शामिल हुए और पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया।

रैली गुलाब राय मैदान, रुद्रप्रयाग से प्रारंभ होकर शहर के मुख्य बाजार से होते हुए स्टेशन परिसर तक पहुंची, जहां रैली का समापन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में नारे लगाते हुए सरकार से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।

रैली के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति अथवा राजनीतिक दल के विरुद्ध नहीं, बल्कि कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा, सम्मानजनक सेवानिवृत्ति और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है। NOPRUF ने सरकार से पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर कर्मचारी संगठनों के साथ सार्थक संवाद कर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की मांग की।

राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. पी. सिंह रावत ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। लंबे समय तक सरकारी सेवा देने वाले कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

प्रदेश प्रभारी विक्रम रावत ने कहा कि कर्मचारी शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचा रहे हैं। संगठन का उद्देश्य कर्मचारियों को एकजुट करते हुए पुरानी पेंशन बहाली की मांग को मजबूती से उठाना है।

प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रदेशभर के कर्मचारियों में लगातार जागरूकता बढ़ रही है। संगठन आगे भी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगा।

मुख्य संयोजक जयदीप रावत ने कहा कि रुद्रप्रयाग की रुद्र आक्रोश रैली ने कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली से जुड़ी चिंता को मजबूती से सामने रखा है। उन्होंने कहा कि यह विषय कर्मचारियों के भविष्य की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा से संबंधित है। लंबे सेवाकाल के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच सार्थक संवाद आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारी वर्षों तक राज्य और जनता की सेवा करते हैं। इसलिए सेवानिवृत्ति के बाद उनके भविष्य से जुड़ी सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा के विषय पर सरकार को कर्मचारियों की बात सुनते हुए समाधान की दिशा में विचार करना चाहिए। उन्होंने रैली में शामिल सभी शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

प्रदेश सचिव माखन लाल शाह ने कहा कि कर्मचारी अपने सेवाकाल के महत्वपूर्ण वर्ष राज्य और जनता की सेवा में समर्पित करते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा उनके लिए महत्वपूर्ण विषय है।

प्रदेश महामंत्री सीताराम पोखरियाल ने कहा कि सरकारी कर्मचारी अपने जीवन के 30 से 40 वर्ष राज्य और जनता की सेवा में समर्पित करने के बाद सेवानिवृत्त होता है। ऐसे में लंबे सेवाकाल के बाद सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषय पर सरकार द्वारा गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में विधानसभा के पूर्व सदस्यों के लिए कानून के तहत पेंशन का प्रावधान है। कर्मचारियों की ओर से यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि लंबे समय तक सरकारी सेवा करने वाले कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुरक्षा को किस प्रकार सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी जनप्रतिनिधि के अधिकारों के विरोध का विषय नहीं है। NOPRUF का विषय कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य से जुड़ा है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच इस विषय पर संवाद की आवश्यकता है।

गढ़वाल मंडल अध्यक्ष शंकर भट्ट, गढ़वाल मंडल मंत्री राजीव उनियाल, प्रवीण घिल्डियाल, प्रदेश कोषाध्यक्ष रणवीर सिंधवाल, अध्यक्ष अंकित रौथान, मंत्री अंकुश नौटियाल, प्रदेश प्रवक्ता नरेश भट्ट एवं महिला अध्यक्ष रनीता विश्वकर्मा ने भी पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर संगठन की एकजुटता व्यक्त की।

रैली में राजकीय शिक्षक संघ रुद्रप्रयाग के जिला अध्यक्ष आलोक रौथान, शीशपाल पंवार, कुलदीप कंडारी, सुरजीत रावत, मनोज काला, राकेश रावत, कीर्ति भट्ट, उमेश गार्गी, विक्रम झिंकवन, गिरिजेश सेमवाल, नीलम बिष्ट, स्वास्थ्य विभाग से मधु, कैलाश गार्गी, पंकज भट्ट, सुबोध जोशी एवं शिव सिंह नेगी सहित अनेक शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

समापन पर कर्मचारियों ने जताई चिंता

स्टेशन परिसर में रैली के समापन के अवसर पर कर्मचारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन का विषय कर्मचारी के बुढ़ापे की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ है। इसलिए सरकार को इस मांग पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

कर्मचारियों ने कहा कि आगामी 2027 का विधानसभा चुनाव उनके लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक संदर्भ होगा और पुरानी पेंशन सहित कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार की भूमिका एवं नीतियों को कर्मचारी समुदाय गंभीरता से देखेगा।

कर्मचारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन के विषय पर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच सार्थक संवाद तथा ठोस पहल की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संगठन अपनी मांग को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी उठाता रहेगा।

NOPRUF ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली का यह अभियान शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और कर्मचारी हितों पर आधारित है। संगठन ने प्रदेश के सभी NPS/UPS से आच्छादित कर्मचारियों एवं शिक्षक समुदाय से अपनी सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने का आह्वान किया।

आज नहीं तो कब?

अभी नहीं तो फिर कब?

पुरानी पेंशन बहाल करो।

राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड (NOPRUF)