निर्भीक कलम
सेंट पैट्रिक इंटर कॉलेज पोलीगंज में शनिवार को विद्यार्थियों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की क्षमता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सभी विषयों पर आधारित भव्य मॉडल प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में विभिन्न कक्षाओं के चयनित बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और विषयगत समझ को आकर्षक एवं उपयोगी गतिविधियों के माध्यम से प्रस्तुत किया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस प्रदर्शनी को देखने के लिए विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक तथा गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में ब्लॉक विज्ञान समन्वयक निर्मल कुमार न्योलिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए गतिविधियों का अवलोकन किया और उनके पीछे छिपे वैज्ञानिक सिद्धांत, उपयोगिता तथा विद्यार्थियों की सोच को समझने का प्रयास किया। उन्होंने बच्चों से उनके मॉडलों के संबंध में प्रश्न भी किए, जिनका छात्रों ने उत्साहपूर्वक उत्तर दिया।
विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, गृह विज्ञान, हिंदी और अंग्रेजी विषयों के करीब 200 गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। जिसमें से वंश कुमार का हाइड्रोलिक ब्रिज सिद्धांत और उसके व्यावहारिक उपयोग, नमून एवं निर्भय का स्मार्ट इरीगेश सिंचाई व्यवस्था में तकनीक के उपयोग की संभावनाओं, जल के विवेकपूर्ण उपयोग और आधुनिक सिंचाई व्यवस्था, देवेंद्र का स्मार्ट सिग्नल लाइट यातायात प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने की अवधारणा, अनिकेत और अरी पटेल का एयर प्यूरीफायर वायु की गुणवत्ता तथा
हसीब अहमद और शिवम का भूकंपरोधी भवन प्राकृतिक आपदा के दौरान भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा और मजबूत निर्माण की आवश्यकता सराहनीय रहे। बच्चों ने मॉडलों की कार्यप्रणाली और उपयोगिता प्रस्तुत की। प्रदर्शो का अवलोकन करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि विद्यालय स्तर पर इस प्रकार की प्रदर्शनियां विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक के ज्ञान को व्यावहारिक रूप में समझने का अवसर प्रदान करती हैं। जब विद्यार्थी स्वयं किसी मॉडल की परिकल्पना, निर्माण और प्रस्तुतीकरण करते हैं तो उनमें वैज्ञानिक सोच के साथ-साथ रचनात्मकता, समस्या समाधान की क्षमता, टीम वर्क और आत्मविश्वास का विकास होता है।
उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं तकनीक केवल प्रयोगशाला या पाठ्यपुस्तक तक सीमित विषय नहीं हैं, बल्कि दैनिक जीवन की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। बच्चों द्वारा प्रस्तुत स्मार्ट इरीगेशन, स्मार्ट सिग्नल लाइट, एयर प्यूरीफायर तथा भूकंपरोधी भवन जैसे विचार यह दर्शाते हैं कि बच्चे अपने आसपास की समस्याओं को पहचानकर उनके समाधान के बारे में सोच रहे हैं। ऐसे प्रयासों को निरंतर जारी रखने की जरूरत है।
विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों और विद्यार्थियों के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान करते हैं। गतिविधियों के निर्माण निर्माण के दौरान बच्चे विषय को गहराई से समझने के साथ-साथ योजना बनाने, सामग्री का चयन करने, प्रयोग करने और अपने विचारों को दूसरों के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना सीखते हैं।
कार्यक्रम का संचालन रवीन्द्र कुमार रुहेला ने किया। इस अवसर पर फादर हेराल्ड डिकूना, फादर संजय, प्रधानाचार्या स्वेता, रेनुका, जसवीर सिंह, राधेश्याम सहित मार्गदर्शक शिक्षक शिक्षिकाओं में से अतुल कुमार पाण्डेय, प्रीति गंगवार, नाजिया शरीफ, फरहा नाज, अमन, उमा शुक्ला, तरुणा आर्या, आफरीन नाजमा, मंजू मौर्या, इम्तियाज अली आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों और शिक्षकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आमंत्रित अतिथियों ने गतिविधियों अवलोकन किया और बच्चों से उनके नवाचारों पर चर्चा की। विद्यालय स्तर पर आयोजित यह शैक्षिक प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिए सीखने, प्रयोग करने और अपनी कल्पनाओं को वास्तविक मॉडल का रूप देने का महत्वपूर्ण अवसर बनी।

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