निर्भीक कलम
चारधामों में प्रमुख गंगोत्री धाम के कपाट आज शनिवार को अन्नकूट पर्व पर शीतकाल के लिए दोपहर 12.14 बजे बंद कर दिए गए। भारी संख्या में मौजूद श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने।
श्रद्धालुओं के हर-हर गंगे..जय मां गंगे के जयकारों से धाम गुंजायमान हो उठा।
वहीं अब कपाट बंद होने के बाद मां गंगा के दर्शन उनके शीतकालीन पड़ाव मुखबा स्थित गंगा मंदिर में होंगे।
श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि शुक्रवार को दीपोत्सव के साथ मां भगवती गंगा के गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।उन्होंने कहा कि कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की उत्सव मूर्ति को डोली यात्रा के साथ शीतकालीन पड़ाव मुखबा लाया जाएगा।
वहीं कल 03 नवंबर रविवार को भैयादूज पर केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होंगे। इसके साथ ही भैयादूज पर ज्योर्तिंलिग बाबा केदारनाथ के कपाट भी छह माह के लिए बंद हो जाएंगे। केदारनाथ के कपाट भैयादूज पर रविवार सुबह 8:30 बजे शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। शनिवार को विशेष पूजा अर्चना के बाद केदारबाबा की पंचमुखी डोली को मंदिर में विराजमान किया जाएगा। आगामी छह माह की पूजा अर्चना एवं भोले बाबा के दर्शन ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में होंगे। वहीं यमुनोत्री धाम के कपाट कल रविवार को भैयादूज पर्व पर दोपहर 12.05 बजे पर बंद होंगे।
केदारनाथ धाम को कपाट बंद करने से पहले 10 क्विंटल फूलों से सजाया जाएगा। इसके अगले दिन, 4 नवंबर को तृतीय केदार, तुंगनाथ के कपाट भी बंद होंगे। बद्रीनाथ धाम के कपाट 17 नवंबर को बंद होंगे, जबकि द्वितीय केदार, मद्महेश्वर के कपाट 20 नवंबर को बंद होंगे।
वहीं इस यात्रा सीजन यमुनोत्री धाम में 700828 श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर्शन किए। जबकि गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या 800735 रही। दोनों ही धामों में कुल 15,01563 श्रद्धालुओं ने दर्शन कर नया रिकॉर्ड बनाया।



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